पर हस्ते गतम् विद्या , पर हस्ते गतम् धनम् कार्य काले समुत्पन्ने, नातद् विद्या , ना तद् धनम् ।। दूसरे के पास में विद्या और दूसरे के हाथ में रखा गया धन यह आपकी कार्य के समय या आवश्यकता के समय न वह विद्या आपकी है ना वह धन भी आपका है यह बात हजारों साल से हमारे शास्त्रों में लिखी गई है पर हमें इसका कोई ज्ञान नहीं हो पाया और हमने अपने सारे धन उठाकर के बैंकों में डालकर निश्चिंत हो गए कागज की करेंसी ही लेता तो कोई बात नहीं अब तो घर में रखे हुए सारे गहने जेवरात और सोने चांदी सब वहीं पर कलेक्शन हो रहा है और तो और अब इन्हीं सोने देने पर आपको कर्जदार भी बनाया जा रहा है भारत मे सेविंग और FD पर ब्याज इसलिये दिया जाता है तांकि लोगों को सोने में निवेश से रोका जा सके । अगर सोने में निवेश होता रहेगा तो भारत पुनः सोने की चिड़िया बन जायेगा । सोने में निवेश होने से डॉलर की कीमत सोने के विरुद्ध गिरती जाती है । जैसे जैसे सोने की मांग बढ़ती जाएगी डॉलर का अवमूल्यन होता जाएगा । हो सकता है कि एक समय डॉलर के स्थान पर सोना अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मुद्रा बन जाये । इसलिये स्वर्ण में निवेश रो...
Ajay karmyogi अजय कर्मयोगी शिक्षा स्वास्थ्य संस्कार और गौ संस्कृति साबरमती अहमदाबाद परंपरा ज्ञान चरित्र स्वदेशी सुखी वैभवशाली व पूर्ण समाधान हेतु gurukul व्यवस्था से सर्वहितकारी व्यवस्था का निर्माण