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अगर मुझे किसी भी बैंक का central statutory auditor बना दिया जाए तो 7 दिन में इतने npa निकाल दूँ कि सारे बैंक दिवालिया हो जाएं । एक बार मैंने एक बैंक की ब्रांच का statutory audit किया था उस बैंक ब्रांच को loss में ला कर खड़ा कर दिया था । अगले तीन वर्षों तक बैंक ने मुझे ऐसी ब्रांच allot की ,जिनमें जा तो कोई loan ही नही था ,या सर्विस ब्रांच थी ,या नई खुली ब्रांच थी । अगर बैंक्स का सही ऑडिट हो तो सारे बैंक्स की capital negative हैं । सारे बड़े loan बिना security के केवल share गिरवीं रखकर दिए जाते हैं ,consumer loan ,vehicle loan , सबमें बहुत npa है लेकिन बैंक के parmoter पागल थोड़ी हैं कि उनको पता नहीं की loan वापिस नही आएगा लेकिन बैंक में उनका पैसा ना मात्र का लगा होता है और जनता का पैसा बहुत अधिक । जैसे y bank में r kapoor का अधिक से अधिक 500 करोड़ लगा है और depositors की fd ,saving आदि में 200000 करोड़ रुपये लगा है । अगर y बैंक डूबता है तो राणा कपूर को कुछ नहीं होगा । अब सारा खेल 200000 करोड़ लूटने का है । बैंकिंग system आम जनता का पैसा कैसे लूटता है ।

1. car कंपनियों से parmoter को पैसा मिलता है इसलिये कार loan चुटकी बजा कर हो जाता है वो भी बिना सिक्योरिटी के । दूसरी तरफ हाउसिंग loan जो पूरी तरह secure होता है उसको देने में बैंक आनाकानी करता है ,क्योंकि हाउसिंग loan के केस में बैंक के parmoters को नया पैसा नही मिलता ।

2. बड़े बड़े loan बिना security के केवल share गिरवीं रख कर दिए जाते हैं । जैसे माल्या आदि को kingfisher के शेयर गिरवीं रख कर 12000 करोड़ loan दिए गए । शेयर मार्किट में इन shares की कीमत brokers द्वारा ऊँची रखी जाती है जिससे अधिक से अधिक loan हो। जबकि kingfisher की असल में कुल कीमित कुछ सो करोड़ की थी । इन 12000 करोड़ का loan बिना रिश्वत के तो होता नहीं ,सरकारी बैंक्स के केस में रिश्वत मंत्रियों या बैंक के ऊँचे अधिकारियों को दे दी जाती है । अगर इस केस में पैसे डूबते हैं तो आम लोगों के डूबेंगे ,प्रमोटर्स या मंत्रियों के नहीं । किंगफिशर वाला माल्या यह 12000 करोड़ लंदन के बैंक्स में transfer कर देता है । इस तरह भारत की wealth को लूट कर england ,अमेरिका आदि में पहुँचाई जाती है । तभी अमेरिका ,इंगलैंड इस लूट की कमाई पर आमीर हैं और भारत ग़रीब । यह माल्या वाला केस ,तो केवल उदाहरण है ,सभी बड़े loan cases में ऐसा ही होता है। जो parmoter loan देता है। और जो पैसा हड़प कर जाता है ,उसको company law के limited liability concept द द्वारा protect किया जाता है । यह जो limited शब्द लिखा होता है जैसे yes bank limited , reliance limited यह शब्द इसीलिये लिखा होता है । कि आप इनके मलिकों की निजी जायदाद का कुछ नही कर सकते । इस तरह आपको क़ानून बनाकर लूटा जाता है ।

3. Parmoters द्वारा अपने परिवार के कई सदस्यों के नाम पर limited कम्पनी बना कर बैंक का पैसा उसको दे दिया जाता है जैसे चंदा कोचर ने icici बैंक का पैसा अपने पति और videocon के धूत द्वारा बनायी गई कंपनी को बिना security के, केवल share गिरवीं रखकर दे दिया । अब यह पैसा बैंक में कभी वापिस नहीं आएगा ।चंदा कोचर को भी कुछ नहीं होगा क्योंकि क़ानूनन उसने कुछ गलत नही किया । अब आप इसे ऐसे समझ लो कि क़ानून लूटेरों की मदद करने के लिये ही बनता है । अब अगर icici डूबता है तो चंदा कोचर के कुछ सौ करोड़ खत्म होंगे जबकि हज़ारों करोड़ रुपये जो आम लोंगों ने जमा करवाएं हैं वह हड़प लिये जाएंगे ।

English में एक कहावत है if you want to rob the bank ,own the bank । अर्थात अगर किसी बैंक को लूटना है तो उसके मालिक बन जाओ ।आशा करता हूँ आप को उदहारण समझ आ गई होगी । और यह भी समझ आ गया होगा कि अंग्रेजों ने जो भी system बनाया है चाहे वो बैंकिंग का हो या company law का आम जनता का भला करने के लिये नहीं बनाया बल्कि उनको लूटने के लिये बनाया है ।

अगर आप अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हो तो आप अपना पैसा सनातन निवेश व्यवस्था जो की pure gold है उसमें करो ।

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