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आपको बताते हैं वो गुप्त रहस्य
जिसे उजागर करने वाले अधिकतर लोगों की हत्या
की जा चुकी है
या फिर उनको गुमनामी की ज़िन्दगी जीने पर मजबूर कर दिया गया है .. .
ILLUMINATI
अर्थात प्रबुद्ध या सबसे अधिक बुद्धिमान लोगों का समूह ..
बहुत से मित्रों को
ये भी नहीं पता होगा कि
आखिर ये इल्लुमिनाती है क्या बला??
इल्लुमिनाती
दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों का एक सिक्रेट संगठन है,
जो कि
पूरी दुनिया पर कब्ज़ा करना चाहता है,
इसका मुख्य उद्देश्य है
पूरी दुनिया में बिना किसी बॉर्डर
के सभी देशो में
एक मुद्रा
एक संस्कृति,
एक सभ्यता,
एक जाति विशेष
का एकछत्र साम्राज्य हो,
इसके लिए इन्हें जनसंख्या पर भी नियन्त्रण करना है,
जिसका एक ही एक उपाय है,
लोगो का जातीय सामूहिक संहार,
फिर चाहे वो प्रथम विश्व युद्ध करवाना हो या
द्वितीय या
भारत पाक युद्ध या
फिर वियतनाम अमेरिका युद्ध,
या अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमला,
या अब तीसरे विश्वयुद्ध के साथ साथ जल-युद्ध
और परमाणु युद्ध की तैयारी
इस संगठन पर वर्तमान में यहूदियों
और कुछ सीमा तक ईसाईयों का कब्ज़ा है,
यहूदियों से इसलिए
क्यूंकि अमेरिका में भी उन्ही का दबदबा है
और इल्लुमिनाती को अधिकतर फण्ड वही से मिलता है,
पूरी दुनिया में इल्लुमिनाती का सबसे बड़ा
दुश्मन,
शत्रु है
हिन्दू,
जी हाँ,
सनातन धर्म इल्लुमिनाती का सबसे बड़ा शत्रु है,
किसी भी देश में कोई भी सत्ता
बिना इनके हस्तक्षेप के नहीं चल सकती,
शायद
कुछ लोगो को ये बात हजम न हो,
पर भारत में कोई भी सरकार
चाहे वो आ चुकी है
या आने वाली है
वो इन्ही के इशारों पर चली
है और चलेगी…
इनका सबसे बड़ा प्रोजेक्ट एक और है,
एक फिल्म है
"the resident Evil"
और भारत में बनी हुई
"Go Goa Gone",
इन सभी में एक ही समानता है,
लोगों को वायरस द्वारा अर्द्धमृत कर देना
और उनकी बुद्धि पर नियंत्रण करना,
इलुमिनाती
वायरस द्वारा भी
मध्यम व् गरीब लोगों का
सामुहिक संहार करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है
और
इसके लिए
उन्होंने लोगो के मन में डर बैठाने के लिए
हॉलीवुड और बॉलीवुड का सहारा लिया है,
उपर लिखे ये 2 नाम तो केवल एक मोहरा है,
लिस्ट काफी लम्बी है,
जिस वायरस पर
इल्लुमिनाती संगठन अब तक कार्य कर रहा है
उसका केवल एक ही तोड़ है
और वो है यज्ञ,
यज्ञ न केवल
हानिकारक किरणों,
गैसों,
बल्कि
जैविक परमाणु
और अन्य रासायनिक हथियारों को
आराम से निष्क्रिय कर सकता है,
चावल
जो की सबसे अच्छा
"anti-atom"
पदार्थ है,
इसकी यज्ञ में आहुति से
पूरा वातावरण परमाणु विकिरण से मुक्त हो जाता है,
इसके अतिरिक्त और भी हजारों ऐसे पदार्थ
या हवन सामग्री में प्रयोग होने वाले तत्व है
जो इनसे मुक्ति दिला सकते हैं,
इल्लुमिनाती का सबसे मुख्य कार्य
इस समय सनातन धर्म को ही समाप्त करना है,
इसके कारण बहुत है –
पहला
सनातन धर्म में अध्यात्म और ईश्वरीय तत्व,
जहाँ अध्यात्म व् ईश्वरीय आभास होगा
वहां पर पैशाचिक विचारों का होना असंभव है,
सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए ही
इस्लाम और ईसाईयत को
पुरे देश में इल्लुमिनाती द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है,
जिस कारण बड़े पैमाने पर मुसलमानों द्वारा धर्मान्तरण,
लव जिहाद,
दंगे आदि हो रहे हैं,
इल्लुमिनाती का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय
का समर्थन नहीं करना है,
केवल अपने लाभ के लिए ये एक मजहब के दुसरे मजहब के विरुद्ध प्रयोग करते है
सबसे पहले इल्लुमिनाती का इतिहास जानिए
गौड (god) कौन है
किसी को मालुम नही पर
उसने एक बार अब्राहम को पास बूला कर कहा कि
तुझे और तेरी संतानों को पूरी पृथ्वी आशिर्वाद के रूप में देता हूँ ।
तब से अब्राहम अपने आप को पूरी पृथ्वी का मालिक समझने लगा,
और अपने बच्चों को भी बताता रहा ।
अब्राहम जिस जीवन शैली से रहता था
उसे यहुदी धर्म कहा गया ।
कुछ पीढियों के बाद
उस के विशाल परिवार वैचारिक हिस्से में बँट गया ।
इसा नाम के आदमी ने दावा किया कि मैं गौड की पसंद हूँ
मै कहता हूँ ऐसे जीना है
और वो ही हमारा धर्म है,
और इसाई धर्म की स्थापना कर दी ।
मोहम्मद नाम का आदमी बोला
मैं ही खूदा की पसंद हूँ
मैं कहूँ वो ही धर्म है,
और इस्लाम की स्थापना हो गई ।
ऐसे एक संप्रदाय से तीन तीन संप्रदाय पैदा हुए
1 यहुदी
२ इस्लाम
३ इसाई,
और तीनों दावा ठोकने लगे
हम लोग ही उपरवाले की पसंद हैं,
हमें ही पृथ्वी भेंट में मिली
है,
हमे ही उस पर राज करना है ।
पृथ्वी पर अधिकार के लिए
इस्लाम और इसाई प्रजा
क्रुजेड और जेहाद के नाम पर सदियों तक कटती/काटती रही । यहुदी प्रजा जगत की अन्य प्रजा की तरह इन दोनों की शिकार होती रही,
साथ में अलग तरीके से मजबूत बनती रही ।
अपना सारा ध्यान व्यापार में लगा दिया
और आज की तारिख में धन के बल पर
उसी प्रजा ने साबित कर दिया कि गौड की पसंद के लोग वही हैं
और उसे ही राज करना है
जी हाँ,
हमारे बन बैठे मालिकों की बात लिख रहा हूँ ।
ये मालिक ब्रिटन के राज महेल से दूर
अपना ही एक अलग छोटा सा टाउन बना के रहते थे ।
इस टाउन की नीव
इसा की पहली सदी में रोमन व्यवसायियों ने डाली थी ।
युध्ध होते रहे,
राज परिवार बदलते रहे ।
हजार साल पहले,
सन १०६७ में
राजा के साथ समजौता किया ।
इस टाउन के नागरिक राजा के वफादार रहेंगे,
राजा को जितने भी धन की जरूरत पडे,
ये नागरिक देंगे
लेकिन शर्त इतनी कि
राजा कभी भी उनके काम में कोई दखल न दे,
राजा का कोई भी कानून
इस टाउन को लागू नही होने चाहिए ।
लंडन शहर के बीचो बीच आज भी ६७७ एकर का
एक छोटासा ८००० की आबादी वाला स्वतंत्र देश
“सिटी ओफ लंडन कोर्पोरेशन” मौजुद है ।
इस सिटी के आदमी इस सिटी से बाहर ब्रिटेन की किसी भी संस्था में बडे पद पर लग जाता है लेकिन
बाहर का आदमी इस सीटी में कभी बडे पद पर नियुक्त नही होता ।
ब्रिटेन की पार्लियामेंट में भी चुन के जाते हैं
लेकिन वहां का कानून लागु नही होता ।
इन का राज परिवार से सीधा संबंध है ।
दिन में बाहर से दो ढाई लाख आदमी काम के लिए आ जाते हैं ।
विश्व की ५०० बेंकों के,
बडे बडी कंपनियों के हेडक्वार्टर्स यहां पर है ।
1) युनो(uno),
अमेरिका का डिस्ट्रिक्ट आफ कोलंबिया
(जो अमरिका के कंट्रोलमें नही है),
2) नाटो की सेना,
3) युरोप के १३ राज घराना और अति घनवान परिवार,
4) कमिटी-३००,
इन सब के अधिकारियों की मिटिंग,
सबके निर्णय इस सिटीमें लिये जाते हैं ।
इनके काम:-
दुनिया के देशों में किसे प्रमुख बनाना चाहिए
किसे पद से उतारना है
यहाँ तय होता है ।
वेटिकन सिटी में किसे पोप बनाना है
निर्णय ये लोग लेते हैं ।
सारी दुनिया को कैसे हेंडल करना है
वो सारे निर्णय यहाँ होते हैं ।
एक तरीके से पूरी दुनिया पर इस सिटी का राज है ।
न्युयार्क का वालस्ट्रिट इस का ही एक हिस्सा है ।
यहाँ यहुदी ही रह गये हैं
ऐसा नही है
अब सारे धनपति आ गए हैं, जिनका स्थापित धर्म के साथ लेना देना नही है ।
उनका अपना मॅसोनिक धर्म है । सिटी के बीचमें मेसोनिक लोज (पूजा स्थल) है ।
ल्युसिफर नाम के शैतान की पूजा करते हैं ।
और अपनी जात को क्रुरतम और निर्दयी बनाने के लिये भयंकर तांत्रिक विधि भी कर लेते हैं
और कभी बच्चों की बली चढाने से भी नही चूकते ।
इस सिटी का मुखिया
अभी चुनाव जीता है ।
इसे "लार्ड ओफ मेयर"
कहा जाता है ।
कमिटी-३०० (इस्ट इन्डिया कंपनी) दुसरे दर्जे के घनपति हैं, वाया सिटी आफ लंडन कोर्पोरेशन,
ये लोग पूरी दुनिया का फाईनान्स हैन्डल करते हैं ।
IMF,
WORLD BANK FED RESERVE ,
AMERICI FED RESERVE
युरोपिय सेन्ट्रल बैंक
और दुनिया भर की
बैंकिंग सिस्टम का नियंत्रण करते हैं ।
विकासशील देशों को कर्जे में डुबा कर विकसित देशों के गुलाम बनाते हैं ।
ग्रुप ७,२० और ३० इन्वेस्टमेन्ट बैंकों के फाईनान्सियल रेग्युलेटर और दलाली के काम
करते हैं
एक आर्थिक आतंकवादी की तरह ।
वर्तमान स्थिति :-
इस समय इलूमिनाति एक सिक्रेट सोसाइटी के रूप में काम कर रही है ,,,,
कहीं भी अपने आप को शो नही होने देती ,,
पर मौजूद हर जगह है
जी हाँ भारत में भी ,,
जो भी लोग अमेरिका हित की ,,,
फोर्ड हित की ,,
सीआईए एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं
समझ लीजिए इल्लुमिनाती वाले हैं
या उनके एजेंट है.....

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