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१९४० से अबतक क्या बदल गया, रोग बढ गए या दवाईयां बढ गयी?
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कितनी वेक्सीन, कितने डोज ! 
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मुझे कभी कोइ वेक्सीन का डोज नही दिया गया था । बच्चा था तब खेत में रहे १३ होर्स पावर का रस्टन एन्जिन हेन्डल मार के चालु कर देता था । इतना भारी था कि आज का युवा भी वो चालु ना कर सके । आज पचास तरह के डोज दिए बच्चों में वो तकत बची है? 
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समाचार है कि पाकिस्तान में डिपोपुलेशन के ठेकेदार बीलगेट की पोलियो टीम पर आतंकियोंने हमला कर दिया है और दो को मार दिया है ।
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ये पहलीबार ही नही हुआ है, ऐसी घटनाएं वहां बनती रहती है । वहां की राष्ट्रवादी जनता जो तालीबान से जुडी है वो बीलगेट और पोलियो की हकिकत जानती है । वो जानते हैं कि पोलियो द्वारा हम पर डिपोपुलेशन का हथियार चलाया जा रहा है । बाकी सभी आतंकी ग्रूप तो अमरिकी पैदाईश है, उनको जनता की फिकर नही है ।
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शैतान अगर अतिधनवान है तो भारत जैसे देश में उसकी पूजा की जाती है, कट्टर मुस्लिम देशों में ऐसा नही होता । बीलगेट वहां पूजा नही जाता ।
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बीलगेट और अमिताभ के नाम से ही भारत के लोगोंने खूशी खूशी पोलियो पी ली, अब फर्टिलिटी सेन्टर में लाईन लगा के खडे हैं ताकि डोक्टर साहिबा टेस्ट ट्युब में बच्चा पैदा कर के दे दे और आनेवाले बच्चे को भी पोलियो पिला दे ।

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