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सर्दियों में रोजाना करें भूनी हुई गोंद का सेवन, मिलेंगे कई फायदे
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग गोंद के लड्डूओं का सेवन करते है लेकिन गोंद को भून कर खाने से भी कई बीमारियां दूर होती है। प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर गोंद का सेवन कैंसर से लेकर दिल तक की बीमारियों को दूर करता है। इसके अलावा सर्दियों में इसे खाने से पुरानी खांसी, जुकाम, फ्लू और इंफेक्शन जैसी समस्याएं नहीं होती। रोजाना गोंद को भून कर खाने से शरीर अंदर से गर्म रहता है, जो आपको कई बीमारियों से दूर रखता है। आइए जानते है रोजाना भूनी हुई गोंद खाने के फायदे।

विधि:-  एक पैन में 1/2 टीस्पून तेल गर्म करके उसमें गोंद को भूनें। 3-4 मिनट भूननें के बाद गोंद पॉपकॉर्न की तरह फूल जाएंगे। सर्दियों में गोंद से बने लड्डू का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है।

भूनी हुई गोंद खाने के फायदें:-

1- दिल के रोग

इसे भून कर रोजाना सेवन करने से दिल के रोग और हार्ट अटैक के खतका कम होता है। इसके अलावा इसका सेवन मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।

2- प्रैग्नेंसी में फायदेमंद

प्रैग्नेंसी में गोंद का सेवन महिलाओं की रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। इसके अलावा इसका सेवन ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में भी मदद करता है।

3- कब्ज

कब्ज या एसिडिटी की समस्या होने पर 1 चम्मच गोंद का सेवन करें। दिन में 1 बार इसका सेवन करने से आपकी कब्ज की समस्या दूर दो जाएगी।

4- सर्दी-खांसी

गोंद को गर्म पानी के साथ खाने से सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की परेशानी दूर होती है। इसके अलावा इसका सेवन पेट इंफेक्शन के खतरे को भी कम करता है।

5- प्रतिरोधक क्षमता

सुबह दूध के साथ गोंद का सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे आप कैंसर, डायबिटीज और ब्लड प्रैशर जैसी बीमारियों से बचे रहते है।

6- खून की कमी

गोंद के लड्डू, पंजीरी या चिक्की का सेवन शरीर में खून की कमी को पूरा करते है। इसके अलावा इसके लड्डू का सेवन सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म भी रखता है।

7- कमजोरी

शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए रोजाना आधे गिलास दूध में गोंद मिलाकर पीएं। इसका सेवन थकान, कमजोरी, चक्कर आना, उल्टी और माइग्रेन जैसी समस्याओं को दूर करता है।

8- पीरियड्स

पीरियड्स दर्द, ल्यूकोरिया, डिलवरी के बाद कमजोरी और शारीरिक अनियमिताओं को ठीक करने के लिए गोंद और मिश्र बराबर मात्रा में मिलाकर कच्चे दूध के साथ खाएं।
अजय कर्मयोगी

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