Skip to main content
वैसे आपने कभी अपने नाभी पर ध्यान दिया है? यदि नहीं, तो ज़रा एक बार गौर कीजिये, क्योंकि यह आपके व्यक्तित्व और भविष्य से जुड़े कई राज़ खोलती है।

नाभी के माध्यम से अपना भविष्य जानना काफी दिलचस्प है। कुछ लोगों का मानना है कि नाभी को देखकर भी शायद भविष्यवाणी की जा सकती है,  शरीर पर बने कुछ निशान व्यक्ति के जीवन और उसके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। आपको शायद विश्वास ना हो, तो  क्यों ना अपनी नाभी पर एक नज़र डाली जाए और देखा जाए कि इसे लेकर जो बातें कही गयी है वो सही या नहीं?




1. स्थिर और आरामदायक
ये बात महिलाओं और पुरुष दोनों के लिए है, यदि आपकी नाभी तीन सामान्य भागों में विभाजित है, तो इसका मतलब है कि आपका स्वास्थ्य सही है और आपकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति भी ठीक रहेगी। इसलिए आप स्थिर और आरामदायक जीवन व्यतीत करेंगे।

2. गोल नाभी

यदि आपकी नाभी गोल है, इसका मतलब आपकी जिंदगी उलझी हुई है। आप कई बार प्यार के चक्कर में पड़ सकते हैं और हर बार इसमें असफल भी हो सकते हैं। और आपको अपनी स्वास्थ्य का भी खास खयाल रखना होगा।

3. अंडाकार नाभी

यदि आपकी नाभी अंडाकार है, इसका मतलब आप बहुत ज्यादा सोचते हैं और आप अपनी अच्छी यादों को याद कर सकते हैं। खुद को शांत रखने के लिए पुरानी बाते याद कीजिए, इससे आपको ज्यादा चिंतित होने की जरुरत नही होगी।

4. नीचे की तरफ हो तो?

यदि आपकी नाभी नीचे की तरफ है, इसका मतलब है आपमें ऊर्जा की कमी है और आप अपने काम को अधूरा छोड़ देते हैं।
5. उभरी हुई नाभी
यदि आपकी नाभी उभरी हुई है, इसका मतलब है कि आप भाग्यशाली हैं। आप आशावादी हैं और दूसरों के साथ आपके संबंध ठीक होते हैं। आप जो भी काम करते हैं उसमें आपको सफलता मिलती है।

6. ऊबड़-खाबड़ नाभी हो तो
यदि आपकी नाभी ऊबड़-खाबड़ है, इसका मतलब है आप जिद्दी स्वभाव के शख्स हैं। आपको लोगों की नज़रों में बने रहना पसंद है लेकिन आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि लोग आपका फायदा भी उठा सकते हैं। किसी अन्य व्यक्ति के गारंटर के रुप में साइन करने से पहले दोबारा सोच लीजिए।

7. उथली और छोटी नाभी
यदि आपकी नाभी उथली और छोटी है, इसका मतलब है कि कमज़ोर और नकारात्मक व्यक्ति हैं। सकारात्मक रहने की कोशिश की कीजिए इससे आपका काम और भी आसान हो जाएगा।

8. गोल और गहरी नाभी
यदि आपकी नाभी गोल और गहरी है, इसका मतलब है कि आप आशावादी हैं। हालांकि आप ज्यादा मज़बूत नही हैं, आप सभी चीजों को सकारात्मक नज़रिये से देखते हैं। आप संवाद स्थापित करने में बहुत अच्छे हैं और परिवार और दोस्तों के साथ खुश रहते हैं। इसलिए वे लोग आपकी हमेशा मदद करते हैं और आपको भविष्य में भी किसी तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Popular posts from this blog

उच्च प्रतिभा के धनी और गणित के विद्वानों के लिए ही यह पोस्ट भारत की गौरवशाली अतीत का

      गणित के विभिन्न क्षेत्रों में भारत का योगदान प्राचीनकाल तथा मध्यकाल के भारतीय गणितज्ञों द्वारा गणित के क्षेत्र में किये गये कुछ प्रमुख योगदान नीचे दिये गये हैं- आंकगणित : दाशमिक प्रणाली (Decimal system), ऋण संख्याएँ (Negative numbers) (ब्रह्मगुप्त देखें), शून्य (हिन्दू अंक प्रणाली देखें), द्विक संख्या प्रणाली (Binary numeral system), स्थानीय मान पर आधारित संख्या आधुनिक संख्या निरूपण, फ्लोटिंग पॉइंट संख्याएँ (केरलीय गणित सम्प्रदाय देखें), संख्या सिद्धान्त , अनन्त (Infinity) (यजुर्वेद देखें), टांसफाइनाइट संख्याएँ (Transfinite numbers), अपरिमेय संख्याएँ (शुल्बसूत्र देखें) भूमिति अर्थात भूमि मापन का शास्त्र : वर्गमूल (see Bakhshali approximation), Cube roots (see Mahavira), Pythagorean triples (see Sulba Sutras; Baudhayana and Apastamba state the Pythagorean theorem without proof), Transformation (see Panini), Pascal's triangle (see Pingala) बीजगणित: Quadratic equations (see Sulba Sutras, Aryabhata, and Brahmagupta), Cubic equations and Quartic equations (b...

bhu के संस्थापक मदन मोहन मालवीय की आत्मा क्यों कराह रही है

    प्रश्न यह है कि फिरोज कोई, ऐसे थोड़े झोला उठाकर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में प्रवेश कर दिया है उसके लिए बकायदा नियम कानून और यहां के बुद्धिजीवियों के और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के सारे मापदंडों को पूर्ण करते हुए वह यहां तक पहुंचा है। प्रश्न यह है कि यह ऐसा नियम कानून और मापदंड स्थापित करने वाले कौन हैं जो भारत की अस्मिता को समाप्त करना चाह रहे हैं जो भारत की सनातन परंपरा को नष्ट करना चाह रहे हैं हालांकि गलती तो उसी समय हो गई थी जब अपनी गुरुकुल व्यवस्था का त्याग करके और अंग्रेजों की आधुनिक शिक्षा के माध्यम से एक बड़ा संस्थान बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी बनाई गई है उसी समय इस सनातन परंपरा के नष्ट होने का बीज डाल दिया गया था यह तो अब उसके फलअश्रुति हैं हम लोग केवल परिणाम पर छाती कूटते हैं कारण और निवारण पर कोई ध्यान नहीं रहता है  बोय पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय कहीं यही हालत राम मंदिर निर्माण का भी ना हो इसलिए सजगता आज से ही जरूरी है और श्रेष्ठ परंपरा के वाहक तेजस्वी पुरुष चयन अगर हो पाता है तू ही विश्व गुरु भारत के संकल्पना साकार हो सकती है नहीं तो अपने अपने पा...

Newziland,Britain apply Sanskrit teaching for smartness

   जब हमारे श्रेष्ठ भारत का नाम कहीं बदनाम होता है।क्या बतायें जब शिक्षित वेश्यावृत्ति करता है बस ह्रदय दुखता है।क्योंकि कुछ ही दसक पहले हमारे यहां7लाख 32हजार गुरूकुल हुआ करते थे।समस्त संसार की मानव जाति हमसे ही सीखती थी कि शिक्षा क्या होती है।और अब हम अपनी मानसिकता से इतना विकृत हो चुके हैं कि क्या बतायें कुछ कहते नहीं बनता।पर इतना जरूर कहूंगा हमारे भारत की मूल गुरुकुल शिक्षा ही सभी समस्याओं  से   मुक्त करती है व मानव को महामानव बनाती थी। एक ही समाधान राष्ट्रीय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान     विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता उत्पन्न करना तथा हिन्दी को अन्तर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है. अजय कर्मयोगी: https://m.youtube.com/watch?v=JixMEQ2kehU   , https://m.youtube.com/watch?v=JseQIWhJ7xk  , https://m.youtube.com/watch?v=JixMEQ2kehU  ,  https://m.youtube.com/watch?v=IFmv2YFApQk                 ...