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चतरा के बनांन्चल में गाय गांव गुरुकुल की परंपरा को एक नया आयाम

 

 



  राष्ट्रीय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान के झारखंड राज्य टीम संयोजन में चतरा डिस्ट्रिक्ट के बनांचल क्षेत्र में एक नए गुरुकुल का शिलान्यास इस गाय गांव गुरुकुल अभियान के मनोबल को अधिक उत्साह और प्रचंड बेग भर दिया है
गांव गाय गुरुकुल की व्यवस्थाओं को फिर से स्थापित करके ही भारत को एक विश्व गुरु और श्रेष्ठ भारत की संकल्पना साकार हो सकती है
मै कार्य कर रहा हूँ , अपने गाँव मे रहने वाले उन किसान भाइयों के लिए , जो मजबूरी में अपना घर छोड़कर शहरों में जाते हैं रोजगार की तलाश में , और ज़िनसे शहर में रहने वाले जरसी हो चुके मानव जैसी शक्लों वाले जरसी इंसान अपना कार्य निकाल रहे है , मुझे गाँव के ग्रामीणो के लिए गाँव में ही रोजगार पैदा करना हैं , मुझे आभास होता शहर में रहने वाले स्वार्थी मनुष्यों को कोई हमदर्दी भी नही होता है ,इसके पीछे कारण है ये गाँव से आया शहरी आज ऐसा बर्ताव कर रहा है जैसे कि गाँव से इसका कोई लेना देना ही ना हो , कभी नही सोचता अपने गाँव के विकास के लिए , इसे हम इसके ही हाल पर छोड़ना चाहते हैं , ब्रांडेड कपडे ,ब्रांडेड गाड़ी ,ब्रांडेड जूते पहनने वालों को खाने दो , सड़ा हुआ यूरीआ और डी ए पी युक्त जहरीला अनाज , पेस्टीसाईड युक्त सब्जी और फल , डीटर्जेंट और मेलामाइन युक्त पैकेट का सड़ा हुआ ढूध , सल्फर मिक्स चीनी , केमिकल युक्त रिफाइंड तेल , मुझे पता है इनकी नीयती , शहरो और महानगरो में दिन रात बन रहे बड़े बड़े कैन्सर के अस्पताल इनके लिए ही बना रहे है बड़े बड़े व्यसायी, मुझे जल्द जल्द वापस लौटना है मेरे गाँव की ओर , अब इस बड़े महानगर में दम घुटता है मेरा , ना कहीं कोई इन्सान दिखता है और ना ही उसकी इन्सानियत , मुझे मेरी गौ माता को बचाना है , वो ही पूर्ण करेगी मेरे सपनो को , हर ग्राम एक गौ आश्रम और हर घर गाय ,ये ही उद्देश्य है मेरा जय गौ माता

  आज शहरों में बैठे हुए लोगों को भी अब एहसास होने लगा है तो कुछ राक्षस जो पैसे और जहर के कारोबार में पैसा इकट्ठा करके गांव का अमृत भी अपने हिस्से में डालकर अमृत पीने का भी साजिश कर रहे  और गांव के भोले भाले लोग अपने हिस्से का अमृत भी कागज के टुकड़ों के पर अपना अमृत बेचने को विवश हो रही है 

   वही बहुत सारे श्रेष्ठ मेहमानव अज्ञानता बस जो शहरों में फंसे थे वह निकलने के लिए तड़प रहे हैं और वहां से बहुत सारे लोग पलायन भी कर रहे हैं उनके लिए भी एक व्यवस्था का कार्य संपन्न हो रहा है


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