यतीचक्र चूड़ामणि सर्वभूत हृदय पूज्यपाद धर्मसम्राट स्वामी श्री करपात्री जी की 113 वी जयंती के शुभ अवसर कीअनंत शुभकामनाएं..
परम पावन सरयू के तट पर भारत में राज व धर्म की मर्यादा का एक इतिहास रचा गया। महा प्रतापी महाराज रघुकुल से रघुनाथ अयोध्या पति श्री राम जी का अवतरण होता है वहीं उसी पावन सरयू के तट पर गोरखपुर जनपद के ओझवली ग्राम की धरा से एक धर्म सम्राट करपात्री जी का ।
एक ने रावण राज से मुक्ति
दिलाई दूसरे ने इस कलयुग में इसाई और इस्लाम जैसी राक्षसी कामी बामी धर्मनिरपेक्ष अब्राहमिक संस्कृतियों को तर्क और सिद्धांत की कसौटी पर ना केवल इन्हें परास्त ही किया बल्कि धर्म का स्तंभ को इतना मजबूत किया कि लोग उन्हें धर्म सम्राट के नाम से जानते हैं ।सरयू के तट पर स्थित ओझवली ग्राम बड़हलगंज गोरखपुर में उनका पैतृक जन्मभूमि रहा है सन्यास के बाद भी वो दो तीन बार यहां आए थे आज भी उस पावन भूमि की चमत्कार मैं अपनी आंखों से देखा वह आपके सामने मैं इस वीडियो के माध्यम से दिखाने जा रहा हूं उसी कुल में एक महात्मा का दर्शन हुआ जो भौतिक आंख से तो कुछ नहीं देख सकते पर अंतःप्रज्ञा पूर्ण जागृत है उन्हें संपूर्ण शास्त्र कंठस्थ है आप वीडियो में स्वयं देखेंगे जो इतनी महा प्रतापी कुल की मर्यादा का पालन कर रहे हैं आज उनका आवास देख करके आपको रुदन आएगा टीन के पत्तर (सेड) में वह दीन हीन स्थिति में निवास कर रहे हैं जब हम पुण्य भूमि पर वीडियो बना रहे थे पीछे उनका संस्कृत में पाठ चल रहा था
https://youtu.be/hFqjGhrAQcE
जिस धर्म सम्राट की तेजस्वीता, पराक्रम और ज्ञान का लोहा पूरी दुनिया में माना जाता था जिन्होंने आजादी के समय ही कांग्रेस के सामने एक विकल्प देकर अंग्रेजो के षड्यंत्र को उजागर कर दिया था और कांग्रेस ने उन्हें जेल में डलवा दिया था संसद पर भीषण नरसंहार के बाद उन्होंने कांग्रेश के प्रमुख इंदिरा गांधी को श्राप दे दिया था तुम और तुम्हारे बेटों का अकाल मौत होगी तुम शव भी नहीं उठा पाओगी जो कालांतर में सभी के सामने घटित भी हो गया रामराज्य पार्टी की स्थापना की धर्म संघ बनाया और वर्तमान में चारों शंकराचार्य की गद्दी पर विराजमान महापुरुषों के प्रणेता और मार्गदर्शक रहे कितने लोगों को सांसद और विधायक बनाएं राजस्थान में सरकार बनवाएं ।
जिनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में 1966 का इतना विशाल गौरक्षा आंदोलन जो न भूतो न भविष्यति का दृष्टांत बना ऐसे परमार्थी श्रेष्ठ संत को ना अपनी कभी चिंता रही नाही अपने लिए कभी जिया उन के संबंध में एक विशेष कहावत एकदम सटीक बैठती है कि परमार्थ के कारण साधु धरा शरीर
पर हम कितने स्वार्थी बन गएहैं हम ।
उनकी पैतृक घर की ऐसी दीनहीन दशा पर मैं रूदन करता रहा आज उनके जन्मदिन पर उनके पूर्वजों की पावन जन्म भूमि जो लोगों के मानस पटल से विशमृत हो चुकी है को नमन करता हूं और अपना मस्तक महापुरुषों की पावन चरणों में अर्पण करते हुए यह प्रतिबद्धता के साथ आपका भी आवाहन करता हूं कि आप भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उनके जन्मदिन पर एक भव्य स्मारक के साथ गुरुकुल की स्थापना का संकल्प दोहराए सनातन धर्म के सम्राट के चरणों में आज का सबसे श्रेष्ठ और उत्तम जन्मदिन का अनूठा उपहार और सम्मान होगा ।धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो गौ हत्या बंद हो भारत अखंड हो का जय घोष सार्थक परिणाम की तरफ अग्रसर करना अब आपका और हमारा यह एक नैतिक दायित्व है आशा है आप इस दायित्व बोध से संकल्पित होकर धर्म सम्राट के अधूरे सपने को पूर्ण करने मैं एक सहयोगी बनेंगे उनके पूर्वजों की जन्मभूमि पर एक भव्य स्मृति मंदिर और गुरुकुल के निर्माण में सहभागी बनेंगे अब एक ही समाधान राष्ट्रीय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान 7984113987 पर कॉल करें या 9336919081 पर sms या whatsapp करें
एक ने रावण राज से मुक्ति
दिलाई दूसरे ने इस कलयुग में इसाई और इस्लाम जैसी राक्षसी कामी बामी धर्मनिरपेक्ष अब्राहमिक संस्कृतियों को तर्क और सिद्धांत की कसौटी पर ना केवल इन्हें परास्त ही किया बल्कि धर्म का स्तंभ को इतना मजबूत किया कि लोग उन्हें धर्म सम्राट के नाम से जानते हैं ।सरयू के तट पर स्थित ओझवली ग्राम बड़हलगंज गोरखपुर में उनका पैतृक जन्मभूमि रहा है सन्यास के बाद भी वो दो तीन बार यहां आए थे आज भी उस पावन भूमि की चमत्कार मैं अपनी आंखों से देखा वह आपके सामने मैं इस वीडियो के माध्यम से दिखाने जा रहा हूं उसी कुल में एक महात्मा का दर्शन हुआ जो भौतिक आंख से तो कुछ नहीं देख सकते पर अंतःप्रज्ञा पूर्ण जागृत है उन्हें संपूर्ण शास्त्र कंठस्थ है आप वीडियो में स्वयं देखेंगे जो इतनी महा प्रतापी कुल की मर्यादा का पालन कर रहे हैं आज उनका आवास देख करके आपको रुदन आएगा टीन के पत्तर (सेड) में वह दीन हीन स्थिति में निवास कर रहे हैं जब हम पुण्य भूमि पर वीडियो बना रहे थे पीछे उनका संस्कृत में पाठ चल रहा था
https://youtu.be/hFqjGhrAQcE
जिस धर्म सम्राट की तेजस्वीता, पराक्रम और ज्ञान का लोहा पूरी दुनिया में माना जाता था जिन्होंने आजादी के समय ही कांग्रेस के सामने एक विकल्प देकर अंग्रेजो के षड्यंत्र को उजागर कर दिया था और कांग्रेस ने उन्हें जेल में डलवा दिया था संसद पर भीषण नरसंहार के बाद उन्होंने कांग्रेश के प्रमुख इंदिरा गांधी को श्राप दे दिया था तुम और तुम्हारे बेटों का अकाल मौत होगी तुम शव भी
जिनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में 1966 का इतना विशाल गौरक्षा आंदोलन जो न भूतो न भविष्यति का दृष्टांत बना ऐसे परमार्थी श्रेष्ठ संत को ना अपनी कभी चिंता रही नाही अपने लिए कभी जिया उन के संबंध में एक विशेष कहावत एकदम सटीक बैठती है कि परमार्थ के कारण साधु धरा शरीर
पर हम कितने स्वार्थी बन गएहैं हम ।
उनकी पैतृक घर की ऐसी दीनहीन दशा पर मैं रूदन करता रहा आज उनके जन्मदिन पर उनके पूर्वजों की पावन जन्म भूमि जो लोगों के मानस पटल से विशमृत हो चुकी है को नमन करता हूं और अपना मस्तक महापुरुषों की पावन चरणों में अर्पण करते हुए यह प्रतिबद्धता के साथ आपका भी आवाहन करता हूं कि आप भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उनके जन्मदिन पर एक भव्य स्मारक के साथ गुरुकुल की स्थापना का संकल्प दोहराए सनातन धर्म के सम्राट के चरणों में आज का सबसे श्रेष्ठ और उत्तम जन्मदिन का अनूठा उपहार और सम्मान होगा ।धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो गौ हत्या बंद हो भारत अखंड हो का जय घोष सार्थक परिणाम की तरफ अग्रसर करना अब आपका और हमारा यह एक नैतिक दायित्व है आशा है आप इस दायित्व बोध से संकल्पित होकर धर्म सम्राट के अधूरे सपने को पूर्ण करने मैं एक सहयोगी बनेंगे उनके पूर्वजों की जन्मभूमि पर एक भव्य स्मृति मंदिर और गुरुकुल के निर्माण में सहभागी बनेंगे अब एक ही समाधान राष्ट्रीय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान 7984113987 पर कॉल करें या 9336919081 पर sms या whatsapp करें

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अजय कर्मयोगी गुरुकुलम अहमदाबाद