धर्मस्य मूलम् अर्थम् यह हजारों साल की सनातन धर्म को टिकाऊ बनाने का एक मूल मंत्र है विश्व की सारी संस्कृतियां पूर्णता समाप्त हो चुकी हैं । विधर्मी कुकुर्मी अब्राहमिक संस्कृतियों के लुटेरों ने भी बार-बार लूटने के प्रयास में हमारे बहुत सारे धार्मिक स्थलों को छिन्न भिन्न और नष्ट भ्र्ष्ट किया गया फिर भी हमने पूरी प्राण प्रण से ईन आक्रमणों का मुंह तोड़ जवाब देकर और आत्मआहुती देकर इस संस्कृति को अब तक बचाने का प्रयास सफल रहा है पर अब दुश्मनों ने लूटने की ब्यूहरचना ही बदल दी और पूरा लूटतंत्र स्थापित कर दिये है और हमारे ही बच्चों को हमारा दुश्मन बना दिया इन इशु कुल (स्कूलों) के माध्यम से ।
शास्त्रों में बताया गया है
।। परहस्ते गतं विद्या
पर हस्ते गतम् धनम् कार्यकाले समुतत्पन्ने
ना तद विद्यां न तद्धनम्।। हमारे सारे घरों से पैसा जिस कागज़ के टुकड़े को धन मांनते हैं आज वही धन उन के बनाए हुए बैंकिंग व्यवस्था में उनकी तिजोरी में बंद है फिर भी उनकी दृष्टि इस कागज के नोटों में कोई दिलचस्पी नहीं थी क्योंकि इन्होंने ही तो यह कागज के टुकडे हमारे हाथों में बना करके दिया है और इसके वास्तविक जो धन था वह फिर भी लोगों के पास अपने घरों में था इसको ही इन्होंने लाकर सिस्टम से सब स्वर्ण अब बैंक ने अपने पास रखवालिया पर फिर भी इनकी निगाह सनातन संस्कृति के मंदिरों में पड़े हुए उन खजाने पर केंद्रित था जैसा की आपको पहले भी बताया है की किसी भी धर्म में कहीं भी स्वर्णदान की परंपरा नहीं है जबकि अपनी सनातन संस्कृति में हमेशा से श्रेष्ठ दान की परंपरा रही है जिससे समाज में गुरुकुल गौशाला और निराशृत निशक्त जन का सेवा सहयोग किया जाता रहा है अब सेकुलर सरकारों की निगाहें इन खजाने पर केंद्रित है एक महामारी का एक ऐसा वैश्विक वातावरण भी तैयार हो चुका है यह मेरी आशंका आज सच भी साबित हो गई जब कांग्रेस के एक बड़े नेता पृथ्वीराज चौहाण के माध्यम से आज बयान भी जारी हो गया और इस सेकुलर मीडिया ने भी इसे अपना फ्रंट लाइन और tv डिबेट के माध्यम से इसे उछालना भी शुरू कर दिया है सारी देश के अग्रणी और इन धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख व्यक्तियों से हमें यथा शीघ्र संपर्क स्थापित करनी चाहिए हलांकी इन सारी संस्थाओं पर भी सेकुलर गिरोह की पार्टियों का ही कब्जा हो चुका है फिर भी उस ट्रस्ट में दो-चार जो सात्विक प्रवृत्ति के लोग हैं उन सभी भाइयों से मिले उन्हें सच्चाई और यथार्थ से उन्हें अवगत कराएं और इस धर्म को बचाने के लिए इन गुरुकुलों की जो श्रृंखला शुरु हो रही है उन्हें अपना योगदान देकर खजाने का मुंह इन गुरुकुलों की तरफ मोड़ कर इस राष्ट्रिय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान में सहभागी बनने और इस सनातन धर्म को बचाने और विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने में अपनी भूमिका तय करें। अन्यथा इन्हीं धार्मिक संस्थाओं में तो यीशु कुल (स्कूल)तो चल ही रहे हैं आपके सनातन के पैसों से और हम अपने हाथों अपना विनाश करने में लगे हुए हैं कोई भी राजनैतिक पार्टी गिरोह आपकी सनातन संस्कृति को बचाने के लिए नहीं आने वाली है बहुत आपने जिंदाबाद मुर्दाबाद कर लिया अब इस रचनात्मक आंदोलन को गति प्रदान करें
https://youtu.be/f5ajlxNE2Mc
धर्म और अधर्म के युद्ध में केवल दो ही पक्ष होते हैं तीसरा नहीं शांत रहेंगे निरपेक्ष रहेंगे मौन हो जाएंगे तो आपकी भी दशा पितामह भीष्म द्रोणाचार्य की होने वाली है यथा शीघ्र निर्णय लेकर इस अभियान के दायित्व का निर्वहन करें 7984113987 या 9336919081 पर संपर्क स्थापित करें

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अजय कर्मयोगी गुरुकुलम अहमदाबाद