अभी तक ऐसा कोई प्रूफ नही मिला जो ये सिद्ध करता हो कि #COVID_19 वायरस जो वुहान से शुरू हुआ हो वो चमगादड़ या सांप से मनुष्य में आया हो।
लेकिन एक भारतीय वैज्ञानिक ने इसमें पाया कि ये सार्स वायरस में एड्स का वायरस आर्टिफिशियल तरीके से म्युटेट किया गया है।
सार्स को कनाडा की लैब से चोरी करके वुहान में मॉडिफाई किया गया। इसमें एक हार्वर्ड का टॉप नैनोबायोकेमिस्ट भी इन्वॉल्व था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
अभी जयपुर के तीन मरीज जो ठीक हुए उन्हें anti-HIV, लोपिनाविर और रिटोनाविर और फ्लू की दवा के कॉम्बिनेशन दिए।
थाईलैंड ने भी इसी दवा से ठीक होने की बात बताई।
इससे साबित हो रहा है कि लैब में बनाया गया एक वायरस है जो बायोलॉजिकल वेपन के लिए था और गलती से लीक हुआ।
लेकिन चीन व अमेरिका के प्रभाव से UN इस पर कुछ नही बोल रहा है।
चीन का साथी रूस उसे बचाने के लिए अमेरिका की साज़िस बता रहा है। और वामपंथियों को ये थ्योरी ज्यादा अच्छी लग रही है।
क्योंकि उन्हें वामपंथ को बचाना है। इसलिए कभी फार्मा कंपनियों की साज़िस बताते है और कभी चमगादड़ को दोष देते है और कभी किसीको ।
लेकिन चीन का दोष एक बार भी नही बताएंगे जो महीने भर तक बीमारी को छिपाता रहा और जिसके कारण आज पूरी दुनिया संकट में है।
जबकि इसी बीच भारत की संस्कृत की सार्थकता अनजाने में ही पूरी दुनिया में सिद्ध हो गई
जब हिन्दू एक दूसरे को हाथ जोड़ कर नमस्ते कर रहा था तो दुनिया उनपर हंस रही थी।
जब हिन्दू हाथ पैर धोकर घर मे घुसता था तो दुनिया उनपर हंसती थी।
जब हिन्दू जानवरों की पूजा कर रहे थे तब दुनिया इन पर हंस रही थी।
जब हिन्दू पेड़ों और जंगलों को पूज रहे थे तब दुनिया हंस रही थी
जब हिन्दू मुख्यतः शाकाहार पर बल दे रहे थे तब पूरी दुनिया हंस रही थी।
जब हिन्दू… More योग, प्रणायाम कर रहा था तब दुनिया हंस रही थी।
जब हिन्दू पूजा, पाठ, यज्ञ , हवन कर रहे थे तब दुनिया हंस रही थी।
जब हिन्दू श्मशान और अस्पताल से आकर स्नान करते थे तब दुनिया हंसती थी।
लेकिन अब? अब कोई हम पर नही हंस रहा, बल्कि सब यही अपना रहे हैं।
सच ही कहा गया है हिन्दू कोई धर्म नही ये जीवन पद्धति है।



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अजय कर्मयोगी गुरुकुलम अहमदाबाद