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क्या आप इलुमिनाटी के बारे में जानते हैं?

  


क्या आप इस संगठन के बारे में कभी सुना है क्या ?
ईल्लूमिनाती (Illuminati) के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट !!  !! इल्लूमिनाती (Illuminati) के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट !! इल्लूमिनाती क्या है : इल्लूमिनाती दुनिया के सबसे ताकतवर औरसमर्थ लोगों का एक गुप्त समूह (Secret Society) है जिसके सदस्यदुनिया के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी, व्यापारी, बैंकर, डॉक्टर,वैज्ञानिक, इंजीनियर, लेखक, चिन्तक-विचारक, हथियार निर्माता,दवा निर्माता, टेक्नोलॉजी कम्पनियां हैं ! इल्लूमिनाती का लक्ष्य क्या है : इल्लूका लक्ष्य दुनिया पर राज करना वदुनिया को अपने इशारों पर चलाना है,दूसरी भाषा में कहें तो दानवों की तरहपूरी दुनिया को जीतना व उनपरअपना साम्राज्य स्थापितकरना जैसा की पहले भी सिकंदर तथा कुछरोमन आक्रमणकारी करनेकी कोशिश कर चुके हैं जिन्हें कुछ हद तकसफलता भी मिली थी लेकिन कुछगलतियों की वजह से वो दुनिया पर राजकरने के अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पाए थेऔर इल्लू उन सब की गलतियों से सबक लेकरकाम कर रहा है जो उसकी सफलता का सबसेबड़ा कारण है ! आखिर इल्लूमिनाती जैसा संगठन बनाने केपीछे कारण क्या हो सकता है : विश्व-विजय (Master Race) ! दुनिया में कुछ ऐसेलोग होते हैं जिनका दिमागी स्तरसामान्य मनुष्य से कहीं ज्यादा होता है,इस कारण उनकी सोच उनके कार्यउनका तरीका भी दुनिया से कुछ हटकरहोता है, इल्लूमिनाती के संस्थापक लोगभी इसी श्रेणी के हैं जिनकी 'सोच वहां सेशुरू होती है जहां से सामान्य मनुष्यसोचना बंद कर देते हैं' उनकी इसी सोच औरदुनिया पर राज करने की लालसा ने उन्हें इस ओर प्रेरित किया कि वो पूरे इतिहाससे सबक लेते हुए एक ऐसा संगठन तैयार करेंजो पूर्ववर्तियों जैसी गलतियाँ ना करेतथा बड़े ही सुनियोजित व गुप्त तरीके सेउन्हें उनके लक्ष्य की ओर ले जा सके, इल्लूमिनाती के सदस्यों ने जिन्होंने इसेखड़ा किया था जब उन्होंनेदेखा कि धरती के सभी प्राणी अपनी-अपनी धुन में मस्त हैं, किसी का दुनिया सेकोई लेना देना नहीं है, सभी कुछ बड़ा सोचनेया करने के बजाय अपने रोजमर्रा के काम मेंलगे-लगे ही जिन्दगी गुजार दे रहे हैंतो उन्होंने योजनायेंभी ऐसी बनायी जो मनुष्यों के पारम्परिकजीवन को प्रभावित किये बिना (अगर करेभी तो उन्हें एहसास ना होने पाए) उन्हेंउनके लक्ष्य की ओर ले जाय ! इल्लूमिनाती का दुनिया पर प्रभाव क्या है : इल्लूमिनाती का प्रभाव जानना हमारे लिए कोई ज्यादा कठिन नहीं है, क्योंकि आज इसका प्रभाव मनुष्य केपैदा होने से लेकर मरने तक तथा खाने से लेकरपीने तक है, आप लोगों ने इतिहासकी किताबें पढ़ी होंगी जिसमें कई सभ्यताओंका जिक्र मिलता है जैसे सुमेरियन सभ्यता,माया सभ्यता, सिन्धुघाटी की सभ्यता (भारतीय सभ्यता),ईरानी सभ्यता, मेसोपोटामियन सभ्यता,पूर्व की बौद्ध सभ्यता आदि इसी तरहकी अन्य कई सभ्यताएं थीं जिनका आज अगरहम अस्तित्व ढूंढें तो शायदही वो कहीं नजर आयें, जानते हैंमित्रों वो सब कहाँ गयीं क्योंकि हमनेभी किताबों में ही पढ़ा है 'सतही तौर परसभ्यतायें जरुर मिट जाया करती हैं लेकिनउनका अस्तित्व कभी नहीं मिटता,वो किसी ना किसी रूप में मौजूदही रहतीं है, लेकिन इसके उलटइल्लूमिनाती ने सफलतापूर्वकदुनिया की एक एक सभ्यता को जड़ सेमिटा दिया, आज दुनिया के लगभग कई देशजिनमें हमारा भारत भी शामिल है अगरवो अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्षकर रहे हैं तो ये इल्लूमिनाती का ही प्रभाव है ! इल्लूमिनाती की ताकत क्या है : किसी जमाने में धरती पर राज करने के लिएसबसे जरुरी ताकत तेज दिमाग के साथसिर्फ 'हिंसा' हुआ करती थी जिसके अंतर्गतराजा व सम्राट दूसरे देशों पर आक्रमणकरके बलपूर्वक उन्हें अपना गुलाम बनाकरअपना राज स्थापित कर लेते थे लेकिन इसजमाने में अगर दुनिया पर राज करना हैतो तेज दिमाग के साथदो जरुरी ताकतों का होना बहुत जरुरी है'हिंसा और पैसा' जिसे इल्लूमिनाती बखूबी समझता है इसलिएउसने अपने मुख्य हथियारों में मात्रहिंसा ही नहीं पैसा भी रखा हुआ है जिसकेपीछे पूरी दुनिया दौड़े इल्लू नेऐसी मुद्रा प्रणाली को जन्म दिया है ! इल्लूमिनाती इतना खतरनाक क्यों है :दरअसल इल्लूमिनाती कोई भी प्लानछोटी अवधि का या अचानकनहीं बनाता बल्कि इतिहास की हरघटना से सबक लेकर व भविष्यकी संभावनाओं को देखते हुएही अपनी योजना तैयार करता हैजो उसकी सफलता का सबसे बड़ा राज है औरउसके इसी गुण के कारण आजतकलोगों को किसी ऐसी ताकतकी मौजूदगी का आभास नहीं हो पाया,दुनिया पर राज करने के लिएलोगों को खत्म करना ये सब पुराने फार्मूलेहैं, इल्लू अच्छी तरह जानता है अगरलोगों को खत्म करना है तो उनकी संस्कृति,सभ्यता व परम्परा को खत्म कर दो लोगखुद बा खुद खत्म हो जायेंगे, साम्राज्यवादके समय में दुनिया के कईदेशों का बंटवारा इल्लूमिनाती की योजना का ही परिणामथे, इल्लूमिनाती लोगों को अगर प्रत्यक्षरूप से मारता भी है तब भी दुनिया को आभास नहीं हो पाता,धरती पर जिनरोगों का किसी भी प्राचीनचिकित्सा शास्त्र में दूर-दूर तक कहीं कोईजिक्र नहीं मिलता पर अब वो अस्तित्व मेंआ चुके हैं, ये जितने भी नये रोग आये हैं वे सभी इल्लूमिनाती के डॉक्टरों ववैज्ञानिकों के ही द्वारा निर्मित कियेगये हैं जैसे – कुछ नये प्रकार के कैंसर, एड्स,स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, इबोला आदि जैसे कईजानलेवा रोग हैं जो इल्लू की लैब मेंही तैयार करके मनुष्यों तक पहुंचाए गये है जिससे दो उद्देश्य एक साथ पूरे होते हैं एकतो टारगेट पर लिए गयेलोगों का खात्मा होता है और इल्लू ग्रुप की दवाइयों का बाजार खड़ा होता है, नई-नई प्राकृतिक आपदाएं जिनका किसी भी इतिहास में कोई जिक्र नहीं मिलता वो सब इल्लू के वैज्ञानिकों ने हार्प (HAARP) टेक्नोलॉजी द्वारा निर्मित किये हैं,जिनका उपयोग वे अपना लक्ष्य साधने मेंकरते है, वर्तमान में जितने भी देशों में युद्धहोते हैं उन सब में कहीं ना कहीं इल्लू केविशेषज्ञों का हाथ होता है जिसे अंजामदेने का मुख्य कारण इल्लूमिनाती ग्रुप मेंशामिल हथियार निर्माताओंको फायदा पहुँचाना तथा देशों में फूटडलवाना होता है इल्लूमिनाती का यहूदियों से क्या कनेक्शन है : यद्यपि इल्लूमिनाती के सदस्य लगभग हर धर्म-सम्प्रदाय में हैं लेकिन इस संगठनपर हमेशा से ही यहूदियों का आधिपत्य रहा है जिसका मुख्य कारण किन्ही अन्यसम्प्रदाय वालों की अपेक्षा दुनिया के हरक्षेत्र में यहूदियों का ज्यादा समर्थहोना है, चाहे वो तकनीकि दुनिया हो,मीडिया जगत हो, बैंकर हों, वैज्ञानिक हों,सबसे ज्यादा नोबल विजेता हो, सबसे बड़ेव्यापारी हों या सबसे बड़े हथियारनिर्माता हों, कुल मिलाकर यहूदियों नेअपने दम पर दुनिया के लगभग हर क्षेत्र मेंकब्जा कर रखा है, इसलिए दूसरे शब्दों मेंकहें तो १८वीं शताब्दी सेही इल्लूमिनाती यहूदियों का संगठन है,यहूदी धर्म से निकले हुऐ ईसाईयों को हमारे भारत वालों ने बखूबी झेला है इसलिए उम्मीद करता हूँ वो ये भी जरुर जानते होंगे की नस्लें समर्थ होने के बाद दुनिया परक्या कहर ढाती हैं, हिटलर पागलनहीं था जो लाखों यहूदियों को मारने की कसमें खाता था उसे अच्छी तरह पता था यहूदियों और उनके आधिपत्य वालेसंगठन इल्लूमिनाती के कर्मों के बारे में,दुनिया को शुक्रगुजार होना चाहिए हिटलर का जिसने दुनिया को गुलाम बनने का वक्त थोडा और बढ़ा दिया और इस इल्लुमिनाति के संगठन में आज पूरा यूरोप और यहूदी और अमेरिका चला रहा है इनकी पूरे वर्ल्ड की इल्लुमिनाति की ऑफिस याने के मेन ब्रांच अमेरिका में है वंदे मातरम।। जय भारत।।

Comments

Unknown said…
Inke bare me ir thodi jankaari dijiye

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