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यह पोस्ट एक भाई ने दिया था जिसकी वेदना का एहसास हमें भी हुआ तो हमने कुछ संशोधन और समाधान देने का प्रयास किया है

यदि आपने मैनफोर्स कॉन्डोम का 00:29 सेकंड का नया विज्ञापन नहीं देखा तो जल्द देख डालिये ....

और विज्ञापन देखने के बाद भी आपका खून न खौले तो एक वार खुद पे आत्मचिंतन जरूर कीजियेगा .... अपने ज़मीर में अवश्य झांकियेगा ....

विज्ञापन फ़िल्म करण अर्जुन की थीम पे बेस्ड है ....

एक वृद्ध हिन्दू महिला विधवा के गेटअप में भगवान महाकाल के मंदिर में मूर्ति के सामने खड़ी रो पीट चीख चिल्ला रही है कि हे भगवान मेरे करण अर्जुन कब आएंगे ?? .... आसमान और धरती का सीना चिर के आएंगे .... जी हां बिल्कुल वैसे ही जैसे राकेश रोशन निर्देशित फिल्म करण अर्जुन में राखी पे फिल्माये दृश्य जैसे .... विज्ञापन की वृद्ध अभिनेत्री की भाव भंगिमा परिधान अदाकारी संवाद सब राखी जैसे ....

विज्ञापन में तभी पीछे से एक वृद्ध आदमी आता है जो उस वृद्ध महिला का पति होता है वो अपनी पत्नी से कहता है .... अरे भाग्यवान करण अर्जुन कैसे आएंगे तुम 7 जन्मों से मुझे रोज़ रात को मैनफोर्स कॉन्डोम जो पहनाती हो .... अब ना करण आएगा ना अर्जुन आएगा सिर्फ मज़ा आएगा ....

एक वृद्ध विधवा महिला के गेटअप में विज्ञापन शूट के बाद ये गुंजाइश रहती है कि विधवा हिन्दू महिला का कोई पति भी होगा ?? ....

वृद्धावस्था में कोई सेक्स संभोग करता है ?? .... और करता भी है तो क्या हिन्दू दम्पति ऐसी बातें पब्लिक डोमेन या सार्वजनिक जीवन या फ़िल्म विज्ञापन के माध्यम से दुनिया से शेयर करते हैं वो भी इतनी फूहड़ता के साथ ?? ....

क्या पब्लिक के बीच में या पब्लिक डोमेन में या सार्वजनिक जीवन में या फिर सीरियल मूवी विज्ञापन में वृद्ध हिन्दू पुरुष सरेआम अपनी पत्नी से ये कहता है कि तुम मुझे 7 जन्मों से रोज़ रात को कॉन्डोम पहनाती हो ?? .... या बैडरूम की अंतरंग बातें कोई दम्पति (वृद्ध जवान) बाहर पब्लिकली शेयर करते हैं वो भी भारतीय परिवेश में ?? ....

कॉन्डोम के विज्ञापन का शूट भगवान महाकाल के मंदिर में क्यों किया गया या मन्दिर रूपी सेट में क्यों किया गया ?? ....

ट्विटर फेसबुक व्हाट्सएप्प फोन-कॉल सहित तमाम माध्यमों से मैनफोर्स कॉन्डोम की निर्माता कम्पनी को अपना विरोध दर्ज करवाइये .... पर कितने विरोध दर्ज करा सकते हैं आज मैन फोर्स है कल जीलेट होगी परसों एचयूएल होगा ऐसे करीब 5000 कंपनियां हैं किस किस कंपनी का विरोध दर्ज कराइएगा केवल अपने जनप्रतिनिधि का जो आपके संस्कृति और संस्कृत का सम्मान ना करें ऐसे पार्टी का।

जो मित्र सक्षम है वो कानूनी कार्यवाही के विकल्प तलाशें .... क्या उनके पास संसाधन नहीं है और आप से बेहतर वकील वह नहीं कर सकते पैसा देकर के कितने भी वकील खरीदे जा सकते हैं कितने भी जज खरीदे जा सकते हैं

हमारी (हिंदुओं की) सहिष्णुता को कोई हमारी कायरता ना समझे ....

सर्फ एक्सेल के बाद अब मैनफोर्स को दमदार जवाब और डंडा देने का वक़्त आ गया है .... इसका उत्तर ऊपर में दिया जा चुका है फिर भी चुनाव में दिखता है कि नेता लड़ रहा है पर वास्तव में कंपनियों कही अखाड़ा पर ही जोर आजमाइश चलती है

अभी नहीं तो कभी नहीं !!!
    

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