अब उर्दू में होगी NEET की परीक्षा
नई दिल्ली : देशभर में मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए ली जाने वाली सबसे बड़ी परीक्षा NEET की परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 2018-19 के शैक्षणिक सत्र से नीट में उर्दू भाषा को भी शामिल करने के लिए तैयार है। केंद्र ने कहा कि हम उर्दू माध्यम में नीट आयोजित कराने के खिलाफ नहीं हैं।
हजारों साल से पारंपरिक ज्ञान का अकूत भंडार संस्कृत में उपलब्ध है पर आज तक कोई भी सरकारों ने इस विषय पर कोई ध्यान नहीं दिया और अभी तक संस्कृत पढ़ने वाले हजारों हजार छात्र इस चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था से वंचित रखा गया है और मानसिक हीनता के शिकार जिन्हें डॉक्टर बनना था एमबीबीएस करना था पर उन्हें जो गधे का डॉ नहीं बन सकते उन्हें इस बीएएमएस की डिग्री में संलग्न किया गया है इस आयुर्वेदिक चिकित्सा का सत्यानाश किया गया है और संस्कृत इस आयुर्वेद चिकित्सा का मुख्य भाषा आज तक नहीं बन पाई वहीं दूसरी ओर उर्दू को नीट में मान्यता पर
पीठ ने अपील का निस्तारण करते हुये कहा, इस शैक्षणिक सत्र की परीक्षाएं हो चुकी हैं। हम पीछे नहीं लौट सकते हैं। याचिका का निपटारा किया जाता है। गौरतलब है कि छात्रों के एक संगठन 'स्टूडेंट्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया' ने नीट उर्दू में भी कराने की मांग की थी। मेडिकल कोर्सों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा NEET (नीट) अभी 10 भाषाओं में होती है। इन भाषाओं में हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, ओडिया, बांग्ला, असमी, तेलुगू, तमिल और कन्नड शामिल हैं।
