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*अमेरिका अपने हथियार बेचने के लिए किस हद तक जा सकता है उसका एक उदाहरण आपके सामने है !!
*अमेरिका का एक अखबार है जिसका नाम है* *Washington post ! उसमे july 1979 में front page पर एक खबर आई ईरान और इराक नाम के दो पड़ोसी देश ! इनके बीच मे एक क्षेत्र है उसको अरबी भाषा मे shatt-al-arab कहते हैं उसमे बहुत अधिक मात्रा मे तेल छिपा हुआ है !*
*खबर जब छपी तो उसमे reference दिया गया कि अमेरिका के जो अन्तरिक्ष मे सैटेलाइट है उनसे मिली जानकारी के अनुसार !*
*तो ईरान और इराक दोनों देशो के कान खड़े हो गए और दोनों देशो ने कहना शुरू किया ये जो क्षेत्र है ये हमारा है !दोनों देशो ने एक साथ एक क्षेत्र पर अधिकार जमाना शुरू किया तो झगड़ा होना स्वाभाविक था*
*दोनों का झगड़ा UNO मे गया !UNO काम करता है अमेरिका के इशारे पर !क्यूंकि अमेरिका के funds पर UNO की बहुत सी नीतिया चलती है*
*1979 मे ईरान – ईराक का मामला UNO मे गया पर UNO ने इस पर कोई फैसला नही दिया !लिहाजा दोनों देशो मे एक दूसरे के खिलाफ युद्ध करने का तय कर लिया !*
*इधर अमेरिका ने सदाम हुसेन को हथियार बेचना शुरू किया ! और उधर ईराक को हथियार बेचना शुरू किया ! दोनों देशो ने भरपूर हथियार खरीदे और एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल किये ! दस साल तक युद्ध चलता रहा ! लाखो लाखो लोग मारे गए ! और हजारो करोड़ डालर के हथियार इसमे खर्च हो गए !*
*10 साल के बाद जब अमेरिका की हथियार बनाने वाली कंपनियो के सारे गोदाम खाली हो गए ! तब अमेरिका ने दोनों देशो से कहा अब शांति वार्ता करो ! 10 साल तक युद्ध करवाया फिर कहा शांति वार्ता करो ! तो शांति वार्ता करवाने के लिए फिर एक UNO मे सत्तर बुलाया !* *ईरान ईराक दोनों देशो को आमने सामने बैठाया गया ! और कहा गया अगर वहाँ तेल है तो तेल की खोज कर लो मिलेगा तो आधा आधा बाँट लो !*
*तब दोनों देशो ने कहा हम तेल की खोज करे हमारे पास तो इतने पैसे नहीं है ! सारे पैसे तो हथियार खरीदने मे खर्च हो गए !*
*तो दोनों देशो को अमेरिका ने कहा अच्छा ठीक आपके पास पैसे नहीं है तो पैसे हम लगा देते हैं ! rights हमको देदो ! तो अमरीकी 



कंपनियो को तेल खोजने का पूरा अधिकार मिल गया और उन्होने वहाँ तेल खोजना शुरू किया ! दो साल बाद अमेरिकी कंपनियो ने कहा इस इलाके मे कोई तेल नहीं है !*
*10 साल पहले खबर आई थी Washington post मे कि इसमे भरपूर तेल है ! तो इन लोगो ने शिकायत कि Washington post के खिलाफ !*
*Washington post के एडिटर ने माफ़ी मांग लि कि गलती हो गई ! गलत खबर छ्प गई ! और कहा गया ये खबर तो सेटे लाईट से आई थी ! तो उन्होंने कहा सेटे लाईट भी गलती कर सकता है ! मशीन है ! जब आदमी गलती कर सकता है आदमी ने मशीन को बनाया है तो मशीन भी गलती कर सकती है !*
*तो ये chapter यहाँ खत्म हो गया !*
*इसी तरह Vietnam मे हुआ था ! इसी तरह कोरिया मे हुआ था इसी तरह चिली,कोसारिका,कोलम्बिया जैसे देशो मे हुआ था ! तो ये अमेरिका अपने हथियार बेचने के लिए किस हद तक जा सकता है उसका एक उदाहरण आपके सामने है !!*
*इसके इलावा इसके और भी काम है दवाओ का धन्धा जो भारत के बाज़ारो में बहुत फल फूल रहा है भारत जेसे देश में ये अपना सड़ा हुआ पिज़्ज़ा बर्गर बेचते है 2025 तक भारत में किसान 60% से घट कर लगभग 30% तक सिमट कर रह जायेगा??
अजय कर्मयोगी 9336919081

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