ये विचार करने योग्य तथ्य है मानव इतिहास के 10 लाख सालो में एक ही समय पर इतने सारे महान वैज्ञानिक कैसे पैदा हो गए??
एक ही समय ईश्वर ने छपढ फाड़ के सभी वैज्ञानिक यूरोप में ही पैदा किये????
ज्यादातर मूल सिद्धांतो को खोजने में गोरी चमड़ी वालो ने कोई मेहनत नहीं की बल्कि हमारे ऋषि महर्षियों के शोध पत्रों का अनुवाद संस्कृत से अंग्रेंजी में कर के अपना नाम लिख कर पेटेंट करा लिया।।
वास्तविक ज्ञान तो हमारे ही देश में है लेकिन हम उसको देखना नहीं चाहते
न ही उस पर शोध करना चाहते । जब यही ज्ञान घूम फिरकर विदेशो के रस्ते भारत आता है तब लोग उस पर यकीन करते है
1947 में transfer of power agreement हुआ था 536 सन्धियां करके अज़ादी का नाम दिया गया और कहा गया के भारत अज़ाद हो गया
भारतीय शिक्षा पदति, संस्कृत और आयुर्वेद को बढ़ावा नही दिया गया,
जिसे की हम हमारे ऋषि मुनियो के शोध पत्रो और अपने वेदो को न पढ़ सके, अजय कर्मयोगी
एक ही समय ईश्वर ने छपढ फाड़ के सभी वैज्ञानिक यूरोप में ही पैदा किये????
ज्यादातर मूल सिद्धांतो को खोजने में गोरी चमड़ी वालो ने कोई मेहनत नहीं की बल्कि हमारे ऋषि महर्षियों के शोध पत्रों का अनुवाद संस्कृत से अंग्रेंजी में कर के अपना नाम लिख कर पेटेंट करा लिया।।
वास्तविक ज्ञान तो हमारे ही देश में है लेकिन हम उसको देखना नहीं चाहते
न ही उस पर शोध करना चाहते । जब यही ज्ञान घूम फिरकर विदेशो के रस्ते भारत आता है तब लोग उस पर यकीन करते है
1947 में transfer of power agreement हुआ था 536 सन्धियां करके अज़ादी का नाम दिया गया और कहा गया के भारत अज़ाद हो गया
भारतीय शिक्षा पदति, संस्कृत और आयुर्वेद को बढ़ावा नही दिया गया,
जिसे की हम हमारे ऋषि मुनियो के शोध पत्रो और अपने वेदो को न पढ़ सके, अजय कर्मयोगी
