*100% FDI, GST, विमुद्रीकरण और अब Cashless society! cashless system आर्थिक गुलामी का अंतिम चरण है।*
*सबके लिये बैंक खाता अनिवार्य होगा, आधार लिंक के साथ। सारी transaction online अर्थात cashless होगी, सब्जी से लेकर मोटरसाईकिल तक सबकी खरीदारी debit/credit card या freecharge, paytm, jio money जैसी e-wallet से होगी। जो कि आधार से लिंक होगा। आपकी हर खरीदारी का हिसाब रखा जाएगा, आधार कार्ड मे दिए गए आपके biometric data के द्वारा। Driving License से bank account तक सबकुछ आधार से लिंक होगा।*
*यदि कोई सरकार के किसी गलत फैसले के विरूद्ध, विरोध प्रदर्शन करना चाहे तो उसका driving license, bank account, debit card सब सील कर दिया जाएगा, और बंदा कुछ भी नहीं उखाड़ पाएगा उल्टा घर मे भुखमरी आ जावेगी। अर्थात सरकार के हर सही गलत फैसले को गुलामों कि भाँति सर झुका कर मानना पड़ेगा।*
*पहले बैंक में पैसा रखने पर बैंक ब्याज देती थी, पर अब बैंक, पैसे रखने के अलग से चार्ज वसुलेगी। क्योंकि अब बैंको मे पैसा रखना हमारी मजबूरी होगी।*
*पहले, वस्तु/सेवा के मुल्य के अनुसार ही भुगतान करना पड़ता था। पर अब 2.5- 3.0% तक अधिक भुगतान करना होगा। क्योंकि paytm/freecharge, debit/credit card प्रति transaction 2.0-3.5% तक वसुलती है।*
*छोटे और मध्यम व्यापारीयों के लिए कर बचाना लगभग असंभव हो जाएगा, क्योंकि वे अब अपनी आमंदनी को छुपा नहीं पाएँगे। इन व्यापारीयों पर 45-50% तक टैक्स लगता है, कई मामलों में तो यह 60% से भी अधिक हो जाती है।*
*अंग्रेजों द्वारा थोपी गयी taxation कानुन से सरकारें अब इन्हें लूट लेगी। जिस टैक्स चोरी के पैसों से ये लोग MNCs को टक्कर देते थे अब ये नहीं हो पाएगा। अब ये taxation के मायाजाल मे फँसकर स्वतः बर्बाद हो जाएँगे और बाजार पर दानव (विदेशी) कंपनियों का एकाधिकार स्थापित हो जाएगा। पूरी अर्थव्यवस्था अब इन्ही दानवों के हाथ में होगी। फिर ये जब चाहे economic hitmen करा सकते हैं।*
*अब तो सरकार ने सोना रखने पर भी लिमिट तय कर दी है। पुरूष 100ग्राम, अविवाहित महिला 250ग्राम और विवाहित महिला 500ग्राम। मतलब अब अपनी धन संपत्ति को सोने मे भी नही रख सकते। जितना कमाओ सब बैंकों में भर दो, जिससे वो आपके ही पैसों से भरपूर ब्याज कमा सकें।*
*माने अब पुरे देश को गुलाम बना कर ही साँस लेना है।
अजय कर्मयोगी गुरूकुलम् अहमदाबाद
