*साइनस , नजला*
बदलते हुए मौसम को देखते हुये आज आपके लिए साइनस , व नाक में बढ़े हुये माँस के लिये अद्भुत प्रयोग लिख रहा हूँ , जिसे कई चिकित्सकों के अनुभवों से संग्रहीत किया हूँ । यह कई रोगियों पर आजमाया हुआ है । इस लेख को समस्या के अनुसार क्रमवार लिख रहा हूँ ।
*बार बार छींक आना , जुकाम बना रहना , कफ कपाल में एकत्र हो जाना, नाक से पानी बहना , जब अंग्रेजी दवाओं से जुकाम बिगड़ जाए और फेफड़ो की समस्या उत्पन्न हो , सर दर्द , माइग्रेन , खांसी सूखी या बलगम वाली इन सबका एक सस्ता सरल और सर्वथा हानिरहित समाधान है ।
*सुहागे का फूला-* 100 ग्राम सुहागे को बारीक कूटकर लोहे की कड़ाही व तवे पर डालें और तेज आंच में इतना पकाएं कि पिघलने के बाद सूख जाये , जब सुहागा धीरे - धीरे फूलने लगे तो लोहे की चाक़ू से उलट - पलट करते रहें । फिर इसे बारीक पीसकर शीशी में भर लें ।
बड़ों को एक चम्मच गर्म पानी के साथ तथा बच्चों को आधा चम्मच दें ।
सात काली मिर्च और सात बताशे एक पाव पानी में पकाएं चौथाई रहने पर गरमा-गर्म पी लें और चद्दर ओढ़कर 15 मिनट के लिए सो जायें । सुबह खाली पेट व शाम को प्रयोग करें ।
*रात को देशी गाय का घी (मथकर निकाला हुआ) का नस्य अवश्य लें ।*
*सुबह की चाय-* 11 तुलसी की पत्ती (या सूखी छाया में सुखाई चौथाई चम्मच ) या , ताजा अदरक या सोंठ दो ग्राम , काली मिर्च 7 नग । इसको 200 ग्राम पानी में अच्छी तरह पका लें , फिर नीचे उतारकर 100 ग्राम उबला दूध व मिश्री डालकर गरमा गरम पी लें । फिर चद्दर से ढककर सो जायें ।
1. दिन निकलने से पूर्व दो -दो बूँद मरुआ के पत्तों का रस नाक में डालें ।
2. उबलते पानी में पुदीने के तेल या नीलगिरी के तेल या तुलसी तेल या अजवाइन के तेल की कुछ बूदे डाले और भाप ले यह साइनेस सिर दर्द के इलाज मे बहुत प्रभावशाली है । इसी तेल से हाथ - पैर की सभी अँगुलियों के आगे भाग ऊपर व नीचे , मालिश करके दबाब भी दें , इससे तत्काल आराम मिलेगा । सिरदर्द की स्थिति में कनपटी व आँखों की पलकों पर मालिश करके उस पर दवाव दें ।
3. आधा कप प्याज के रस में एक चम्मच शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करे।
4. शरीर में पानी की कमी भी साइनस के सिर दर्द के कारणो मे एक है।
5. गर्म पानी में भीगे कपड़े को अपने सिर वा चहेरे पर रखे यह साइनस सिर दर्द मे राहत प्रदान करने और बलगम के प्रवाह में मदद करेगा ।
6. सूखे अदरक , पिसी लौग के एक चम्मच में तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका लेप माथे पर लगाएं ।
7. पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर एक पेस्ट तैयार करे इसमे चंदन पाउडर का आधा चम्मच मिला ले और अपने माथे पर पेस्ट लगा ले यह घरेलू उपचार साइनेस के सिर दर्द मे राहत प्रदान करेगा।
8. दोनों नाक में गर्म नमक वाले पानी की कुछ बूंदें डाले।
9. गर्म सूप में काली मिर्च , अदरक डालकर पीने से भी ज्यादा राहत मिलती है। पित्त प्रवर्ति वाले ना करें ।
*अनुभूत नुस्खा*
गोदंतीभस्म 10 ग्राम , अभ्रक भस्म 10 ग्राम , (किसी अच्छी फार्मेसी की ले लें) सोंठ, कालीमिर्च, छोटी पिप्पर, तुलसी के छाया में सुखाये पत्ते और मिश्री इन सबका बारीक चूर्ण 10-10 ग्राम, बीज निकाला हुआ मुनक्का 50 ग्राम, सभी को मिलाकर खूब घोंट पीस लें और छोटे चने के बराबर गोलियाँ बनाकर कांच के बर्तन में रख लें. चाहे तो इसमें बराबर मात्रा में शहद मिलाकर अवलेह जैसा बना सकते हैं ,
अवलेह रूप में बनाने का एक फायदा यह है की बहुत छोटे बच्चो और वृद्धों को अतिरिक्त ताकत देगा , स्वादिष्ट भी होता है. और नमी के कारण लगने वाली फंगस का भय भी नहीं रहता
वयस्क 2-2 गोली दिन में दो से तीन बार चूसें .
बच्चों को एक-एक दो से तीन बार दें ।
इस योग को बहुत लम्बे समय तक भी लेते रह सकते हैं जिन्हें गले की परेशानियाँ बनी रहती है उनको भी फायदा करेगा इससे भूख भी खुलकर लगती है प्यास अच्छी हो जाती है जीभ का स्वाद अच्छा हो जाता है बलवर्धक है ।
*मधुमेह के रोगी भी बिना शहद के ले सकते है यदि सुगर बहुत ही क्रिटिकल स्टेज पर है तो न लें ।*
*नाक का माँस बढ़ना*
*अनार के पेड़ से अनार कली तोड़कर ले आये उसका रस निकालकर साफ़ रुई भिगो लें उसको बढे हुए नाक मांस ढीला करके रखें ठूसना नही , यह प्रयोग 3 दिन रात के समय कीजिये ।*
साथ में जोशीना 2 चम्मच सुबह भूखे पेट रात को सौने से पहले और शाम 4 बजे उबले पानी में मिलाकर चाय जैसे सिप सिप पिए 5 दिन पीकर बतायें ।
अनार कली न मिलने पर अनार का छिलका का पाउडर बनाकर 3/4 बून्द पानी डालकर पेस्ट बनालो और उसी में रुई लथेड़ कर नाक में लगाये कम से कम 3 घंटे लगा रहने दे ।
*होम्योपैथी में-* डॉक्टर की सलाह पर Nasal POLYP को 10 -15 बून्द दवा कुछ पानी में मिलाकर 4 से 5 बार पिलायें । ज्यादा गंभीर स्थति में दो -दो घंटे पर भी बड़े सकते हैं ।
*कृपया इसे कॉपी -पेस्ट ना करें , क्योंकि जिनको आयुर्वेद पर अविश्वास है , जिन्हें आयुर्वेद दवायें कडुवी लगती हैं वह हमेशा ऐसे अनुभूत नुस्खों की उपेक्षा कर रहते है
अजय कर्मयोगी
बदलते हुए मौसम को देखते हुये आज आपके लिए साइनस , व नाक में बढ़े हुये माँस के लिये अद्भुत प्रयोग लिख रहा हूँ , जिसे कई चिकित्सकों के अनुभवों से संग्रहीत किया हूँ । यह कई रोगियों पर आजमाया हुआ है । इस लेख को समस्या के अनुसार क्रमवार लिख रहा हूँ ।
*बार बार छींक आना , जुकाम बना रहना , कफ कपाल में एकत्र हो जाना, नाक से पानी बहना , जब अंग्रेजी दवाओं से जुकाम बिगड़ जाए और फेफड़ो की समस्या उत्पन्न हो , सर दर्द , माइग्रेन , खांसी सूखी या बलगम वाली इन सबका एक सस्ता सरल और सर्वथा हानिरहित समाधान है ।
*सुहागे का फूला-* 100 ग्राम सुहागे को बारीक कूटकर लोहे की कड़ाही व तवे पर डालें और तेज आंच में इतना पकाएं कि पिघलने के बाद सूख जाये , जब सुहागा धीरे - धीरे फूलने लगे तो लोहे की चाक़ू से उलट - पलट करते रहें । फिर इसे बारीक पीसकर शीशी में भर लें ।
बड़ों को एक चम्मच गर्म पानी के साथ तथा बच्चों को आधा चम्मच दें ।
सात काली मिर्च और सात बताशे एक पाव पानी में पकाएं चौथाई रहने पर गरमा-गर्म पी लें और चद्दर ओढ़कर 15 मिनट के लिए सो जायें । सुबह खाली पेट व शाम को प्रयोग करें ।
*रात को देशी गाय का घी (मथकर निकाला हुआ) का नस्य अवश्य लें ।*
*सुबह की चाय-* 11 तुलसी की पत्ती (या सूखी छाया में सुखाई चौथाई चम्मच ) या , ताजा अदरक या सोंठ दो ग्राम , काली मिर्च 7 नग । इसको 200 ग्राम पानी में अच्छी तरह पका लें , फिर नीचे उतारकर 100 ग्राम उबला दूध व मिश्री डालकर गरमा गरम पी लें । फिर चद्दर से ढककर सो जायें ।
1. दिन निकलने से पूर्व दो -दो बूँद मरुआ के पत्तों का रस नाक में डालें ।
2. उबलते पानी में पुदीने के तेल या नीलगिरी के तेल या तुलसी तेल या अजवाइन के तेल की कुछ बूदे डाले और भाप ले यह साइनेस सिर दर्द के इलाज मे बहुत प्रभावशाली है । इसी तेल से हाथ - पैर की सभी अँगुलियों के आगे भाग ऊपर व नीचे , मालिश करके दबाब भी दें , इससे तत्काल आराम मिलेगा । सिरदर्द की स्थिति में कनपटी व आँखों की पलकों पर मालिश करके उस पर दवाव दें ।
3. आधा कप प्याज के रस में एक चम्मच शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करे।
4. शरीर में पानी की कमी भी साइनस के सिर दर्द के कारणो मे एक है।
5. गर्म पानी में भीगे कपड़े को अपने सिर वा चहेरे पर रखे यह साइनस सिर दर्द मे राहत प्रदान करने और बलगम के प्रवाह में मदद करेगा ।
6. सूखे अदरक , पिसी लौग के एक चम्मच में तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका लेप माथे पर लगाएं ।
7. पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर एक पेस्ट तैयार करे इसमे चंदन पाउडर का आधा चम्मच मिला ले और अपने माथे पर पेस्ट लगा ले यह घरेलू उपचार साइनेस के सिर दर्द मे राहत प्रदान करेगा।
8. दोनों नाक में गर्म नमक वाले पानी की कुछ बूंदें डाले।
9. गर्म सूप में काली मिर्च , अदरक डालकर पीने से भी ज्यादा राहत मिलती है। पित्त प्रवर्ति वाले ना करें ।
*अनुभूत नुस्खा*
गोदंतीभस्म 10 ग्राम , अभ्रक भस्म 10 ग्राम , (किसी अच्छी फार्मेसी की ले लें) सोंठ, कालीमिर्च, छोटी पिप्पर, तुलसी के छाया में सुखाये पत्ते और मिश्री इन सबका बारीक चूर्ण 10-10 ग्राम, बीज निकाला हुआ मुनक्का 50 ग्राम, सभी को मिलाकर खूब घोंट पीस लें और छोटे चने के बराबर गोलियाँ बनाकर कांच के बर्तन में रख लें. चाहे तो इसमें बराबर मात्रा में शहद मिलाकर अवलेह जैसा बना सकते हैं ,
अवलेह रूप में बनाने का एक फायदा यह है की बहुत छोटे बच्चो और वृद्धों को अतिरिक्त ताकत देगा , स्वादिष्ट भी होता है. और नमी के कारण लगने वाली फंगस का भय भी नहीं रहता
वयस्क 2-2 गोली दिन में दो से तीन बार चूसें .
बच्चों को एक-एक दो से तीन बार दें ।
इस योग को बहुत लम्बे समय तक भी लेते रह सकते हैं जिन्हें गले की परेशानियाँ बनी रहती है उनको भी फायदा करेगा इससे भूख भी खुलकर लगती है प्यास अच्छी हो जाती है जीभ का स्वाद अच्छा हो जाता है बलवर्धक है ।
*मधुमेह के रोगी भी बिना शहद के ले सकते है यदि सुगर बहुत ही क्रिटिकल स्टेज पर है तो न लें ।*
*नाक का माँस बढ़ना*
*अनार के पेड़ से अनार कली तोड़कर ले आये उसका रस निकालकर साफ़ रुई भिगो लें उसको बढे हुए नाक मांस ढीला करके रखें ठूसना नही , यह प्रयोग 3 दिन रात के समय कीजिये ।*
साथ में जोशीना 2 चम्मच सुबह भूखे पेट रात को सौने से पहले और शाम 4 बजे उबले पानी में मिलाकर चाय जैसे सिप सिप पिए 5 दिन पीकर बतायें ।
अनार कली न मिलने पर अनार का छिलका का पाउडर बनाकर 3/4 बून्द पानी डालकर पेस्ट बनालो और उसी में रुई लथेड़ कर नाक में लगाये कम से कम 3 घंटे लगा रहने दे ।
*होम्योपैथी में-* डॉक्टर की सलाह पर Nasal POLYP को 10 -15 बून्द दवा कुछ पानी में मिलाकर 4 से 5 बार पिलायें । ज्यादा गंभीर स्थति में दो -दो घंटे पर भी बड़े सकते हैं ।
*कृपया इसे कॉपी -पेस्ट ना करें , क्योंकि जिनको आयुर्वेद पर अविश्वास है , जिन्हें आयुर्वेद दवायें कडुवी लगती हैं वह हमेशा ऐसे अनुभूत नुस्खों की उपेक्षा कर रहते है
अजय कर्मयोगी
