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बीमारियाँ वात-पित्त और कफ के बिगड़ने से ही होती हैं

 सबसे पहले आप हमेशा ये बात याद रखें कि शरीर मे सारी बीमारियाँ वात-पित्त और कफ के बिगड़ने से ही होती हैं  !  अब आप पूछेंगे ये वात-पित्त और कफ क्या होता है ???  बहुत ज्यादा गहराई मे जाने की जरूरत नहीं आप ऐसे समझे की सिर से लेकर छाती के बीच तक जितने रोग होते हैं वो सब कफ बिगड़ने के कारण होते हैं ! छाती के बीच से लेकर पेट और कमर के अंत तक जितने रोग होते हैं वो पित्त बिगड़ने के कारण होते हैं !और कमर से लेकर घुटने और पैरों के अंत तक जितने रोग होते हैं वो सब वात बिगड़ने के कारण होते हैं !  हमारे हाथ की कलाई मे ये वात-पित्त और कफ की तीन नाड़ियाँ होती हैं ! भारत मे ऐसे ऐसे नाड़ी विशेषज्ञ रहे हैं जो आपकी नाड़ी पकड़ कर ये बता दिया करते थे कि आपने एक सप्ताह पहले क्या खाया एक दिन पहले क्या खाया -दो पहले क्या खाया !! और नाड़ी पकड़ कर ही बता देते थे कि आपको क्या रोग है ! आजकल ऐसी बहुत ही कम मिलते हैं !  शायद आपके मन मे सवाल आए ये वात -पित्त कफ दिखने मे कैसे होते हैं ???  तो फिलहाल आप इतना जान लीजिये ! कफ और पित्त लगभग एक जैसे होते हैं ! आम भाषा मे नाक से ...
सभी मित्रों को नमस्कार, एवम् चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को आरम्भ होने वाले नव विक्रम सम्वत् २०७१ की अग्रिम बधाई...!! मित्रों ३१ मार्च सोमवार को हमारा हिन्दू नव् वर्ष है यह जानकारी हमें पूरे देश में घर घर पहूँचानी है ज्यादा लोग ये जानते नहीं है औ र अंग्रेजी नव वर्ष को धूम धाम से मनाते हैं... 😀इस नव वर्ष पर हमें क्या करना चाहिए नीचे देखे :-- १ . इस दिन सुबह जल्दीे ही अपने परिवार के सभी सदस्य जग जाएँ २ . जल्दी स्नान कर यथा संभव नए वस्त्र पहनें . ३ . घर के मुख्य द्वार को फूलो से सजाएँ ४ . मंदिर , गोशाला जाकर प्रभु दर्शन और दान करे . ५ . अपने मित्रो ,परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारो के साथ मिलकर उत्सव मनाये और साथ मिलकर भोजन करे . ६ .आसपास गरीबो को भोजन कराएं एवं दान करें . ७ . अपने मोहल्ले और शहर को द्वारो को फूलों और बेनरो से सजाये . ८ . जगह जगह पर शरबत, निम्बू पानी आदि के स्टाल लगाये . ९ . नव वर्ष की जानकारी एवं नवरात्रों के अवसर पर सांस्कृतिक प्रोग्राम करे . १० . अपनी नयी पीढ़ी को अपने नूतन वर्ष के बारे में बताये . 🇮🇳 इस सन्देश को पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहु...